Hostel - Manav Teerth

आवासीय विद्यालय

जून 2019 से कक्षा 6 से 8 के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है। यह छात्रावास मानव तीर्थ में स्थित है।

आवासीय विद्यालय होने से 5.5 घंटे के बजाय बच्चों के साथ और अधिक समय मिलेगा। अधिक समय मिलने से उनके साथ पढ़ाई के अतिरिक्त उनके स्वास्थ्य, व्यवहार, हुनर व आचरण पर भी काम हो पाएँगे।

 

मानव तीर्थ में उन्हें जीने के पाँचों आयाम की झलक मिलेगी  -

शिक्षा - प्रेरणा विद्यालय व मानव तीर्थ में अध्ययन कार्य

स्वास्थ्य - सही और जैविक भोजन, व्यायाम, दौड़, श्रम, आयुर्वेद औषधि का उपचार

न्याय - संस्थान में परिवार जन और अध्ययनरत युवा पीढ़ी के साथ व्यवहार (जीने) का अभ्यास

उत्पादन - सब्ज़ी, गौशला, फ़ूड प्रोसेसिंग (गुड़ बनाना, गेहू पीसना, इत्यादि), भोजन पकाना, सिलाई, बढ़ईगिरी

विनिमय - विद्यालय और आस पास के परिवार सदस्यों में उत्पादित वस्तुओं का विनिमय  

 

मानव तीर्थ

मध्यस्थ दर्शन सह-अस्तित्ववाद के प्रणेता श्रद्धेय श्री ए. नागराज जी (बाबाजी) की प्रेरणा व् मार्गदर्शन  से मानव तीर्थ 28 अप्रेल, 2017 को स्थापित हुआ।  

मानव तीर्थ से लगभग 3.5 km दूरी पर  43 एकड़ भूमि पर प्रेरणा विद्यालय कार्यरत है ।

संस्थान के निर्माण में होने वाले समस्त व्यय गाँधी विद्या मंदिर, सरदारशहर, ज़िला चुरू, राजस्थान ने करने का संकल्प लिया है । साथ ही, पूरे देश में स्थित मध्यस्थ दर्शन के केन्द्र इस संस्थान के लिए पूरक है।

उद्देश्य:

मध्यस्थ दर्शन की रौशनी में शिक्षा के मानवीयकरण और अखंड समाज, सर्वाभौम व्यवस्था को स्थापित करने के लिए मानव को मानवीय शिक्षा, दर्शन का अध्ययन एवं जीने में अभ्यास के अवसर प्रदान करना।  

वातावरण:

शिवनाथ और खारुन नदी के संगम में एवं 300 एकड़ वन के पास मानव तीर्थ 87 एकड़ भूमि पर स्थित है।  संस्थान के लगभग 7 एकड़ आवासीय परिसर में एक स्वागत बिल्डिंग (3 सभागार व् अतिथि गृह), दो निवास, छात्रावास और एक गोदाम है।दो निवास में 8 परिवार के रहने की व्यवस्था है।  छात्रावास में अध्ययन हेतु 120 लोगों के आवास एवं शिक्षण प्रशिक्षण के लिए स्थायी व्यवस्था और इसके अतिरिक्त 70 और लोगों के लिए तात्कालिक रूप से रहने की व्यवस्था है। 58 एकड़ भूमि पर सब्ज़ी, फल, अनाज की प्राकृतिक खेती, देसी गाय की गौशाला, घास व् औषधि का उत्पादन कार्यरत है । 22 एकड़ में  बांस बकायन का वन क्षेत्र है।  साथ ही, संस्थान में 3 तालाब, 2 कुएँ और 3 बोर हैं।

मानव तीर्थ व् विद्यालय  परिसर में कुल मिलाकर 100 kw सोलर पावर की व्यवस्था है।

संस्थान में अभी तीन परिवार और 12 अध्ययनार्थी रहते हैं । तीन पीढ़ी के साथ जीने और प्रकृति के साथ रहने के लिए बच्चों  के लिए यह एक शुभ अवसर है - जहाँ स्वच्छ वातावरण व् सुरक्षा, स्नेह और प्रेरणा निरंतर उपलब्ध है।  

 

शुल्क  

  1. बोर्डिंग व् लॉजिंग (5000/ माह) =  5000 * 10 = 50,000
  2. अध्यापन वार्षिक शुल्क:

कक्षा 6: 28,000

कक्षा 7: 30,000

कक्षा 8: 34,000